
14वीं शताब्दी में अपने आरंभिक औद्योगिकरण से लेकर ही यूरोप में स्टील उद्योग और समुद्री निर्माण बास्क देश की गिनती सबसे समृद्ध देशों में हुई है. 1980 के दौर का संकट झेलने के बाद बास्क देश के उद्योग, वाणिज्य एवं पर्यटन विभाग द्वारा विकसित और एसपीआरआई के सहयोग से अमल में लाई गई सूझबूझ भरी औद्योगिक नीति ने औद्योगिक पुनर्गठन, और उत्पादन दायरे में नवीन तकनीकी और नए क्षेत्रों के समावेश में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
बास्क का आर्थिक विकास, विदेशी बाजारों में इसकी उपस्थिति का स्तर और इसकी उद्यमशीलता नीचे दिए गए ग्राफ्स में स्पष्ट दिखाई देती है.